"बढ़ता लाकडाउन और कोरोनावायरस से लड़ाई में हम और आप "



लाक डाउन की समय सीमा का विस्तार होकर अब 3 मई हो चुका है ।जिस प्रकार से कोरोनावायरस मरीजों में  कमी होनी चाहिए थी ।वह रूकने के बजाय सुरसा की तरह मुंह फैलाए जा रही है ।आज कोरोनावायरस उस रक्त बीज अथवा रावण की तरह होता चला जा रहा है ।जिसके अत्याचार रूकने के बजाय दिन प्रतिदिन बढ़ते चले जा रहे हैं । ऐसा लग रहा है रावण की तरह इसकी नाभि में भी अमृत कुंड बसा है । माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसकी समय सीमा बढ़ाकर 3 मई कर दी है । लेकिन सोचने का सबसे बड़ा कारण यह है कि केन्द्र सरकार राज्य सरकार सभी मिलकर पूरे जोश-खरोश से कोरोनावायरस से फाइट करने में लगे हैं । लेकिन एक अदना सा दुश्मन काबू में आने का नाम नहीं ले रहा । आखिर कमी कहां है और क्यों है?
जहां तक अब सवाल है तब्लीगी जमात का इस समय अधिकतर केसों में तब्लीगी जमात का काला चेहरा ही उभर कर सामने आ रहा है । आज जिस प्रकार से आम जनता ने धैर्य और संयम बनाए रखने में सरकार की मदद की है वास्तव में सभी देशवासियों को दिल से आभार व्यक्त करता हूं । लेकिन विपरीत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही सरकार को मजबूरी में फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा । माननीय प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में इस तरह के केस नहीं है या न के बराबर है वह आम आदमी की समस्याओं को ध्यान में रखकर छूट भी दी जा सकती है ।
लेकिन जैसा केजीएमयू के डाक्टरों की लापरवाही का केस देखने को मिला। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डाक्टरों की लापरवाही से कोरोना संक्रमित एक मरीज दो दिन ट्रामा सेंटर के जनरल मेडिसिन वार्ड में अन्य मरीजों के साथ भर्ती रहा । और तमाम लोगों के सम्पर्क में आया । मरीज़ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद 65 डाक्टर एवं चिकित्सा कर्मियों को क्वांर टाइन कर दिया गया है । जबकि बाकि लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है ।यह घटना इस लिए गंभीर है यह घटना उस केजीएमयू में हुई जिसे मौजूदा कोरोना संकट से निपटने में रोल मॉडल चिकित्सा संस्थान माना जा रहा है ।
सरकार ने इस संस्थान में न सिर्फ पहली टेस्टिंग लैब स्थापित की बल्कि यहां के डाक्टरों ने सीमित संसाधनों में विश्वस्तरीय इलाज के उदाहरण भी प्रस्तुत किए हैं ।भले ही यह छोटी सी लापरवाही हुई । लेकिन समय स्थति को देखते हुए जहां देश का प्रत्येक नागरिक एक अनजाने भय से जूझ रहा है ।बेहद सतर्कता पूर्ण तरीके के ऐसे मामले को देखा जाना था ।
यह सबक भी उन सभी डाक्टर और चिकित्सा कर्मियों के लिए है एक छोटी सी गलती बहुत बड़ी समस्या का कारण बन सकती है ।
आज फिर से पूरे देश वासियों को विचार करना होगा कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति या समुदाय अथवा परिवार के लिए नहीं है यह समस्या हम सब के लिए है । और हम सब को ही मिलकर इस अदृश्य दुश्मन का सामना करना पड़ेगा ।हम सुरक्षित तो परिवार सुरक्षित । परिवार सुरक्षित तो समाज सुरक्षित । समाज सुरक्षित तो देश सुरक्षित । मुरादाबाद में भी एक साथ 15 कोरोना पाज़िटिव मरीजों का पकड़ा जाना  कहीं न कहीं हमारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है । लिहाजा ऐसे समय में बेहद सूझबूझ से क़दम उठाने का समय है । एक तरफ अधिकतर लोग रोजगार विहीन होकर इस भयानक त्रासदी का सामना कर रहे हैं ।काम धंधे सभी ठप पड़े हुए हैं । ऐसे समय में हो सकता है बड़े पैमाने पर  कोरोना मरीजों को ढूंढने में सघन अभियान चलाना पड़े ।ऐसी परिस्थितियों में  सभी नागरिकों को भी सलाह दी जाती है कि समय रहते नजदीकी लैब में अपना टैस्ट करायें अथवा किसी भी परेशानी में तुरन्त सरकार को सूचित करें । जिससे आपका भी समय पर इलाज संभव हो सके । और आपका परिवार भी सुरक्षित रहे ।
जो स्वस्थ हैं वे भी दैनिक योग व प्राणायाम एवं व्यायाम आदि घर पर करते रहें । खान-पान में विशेष सावधानी बरतें । अनापेक्षित व्यंजनों से दूरी बनाए । शारीरिक क्षमता को बनाए रखने के लिए अंकुरित अनाज व सूखे मेवे  फल आदि लेते रहें । पंचतुलसी रस की चार चार बूंद सुबह शाम लेते रहें । आपका स्वास्थ्य आपके हाथ ।
जय हिंद जय भारत वंदे मातरम
आपका अपना चंद्रशेखर मारकंडे


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